न होती तुम तो मैं न होता
न जागती तुम तो मैं न सोता
सुकून था तेरे आँचल में हमेशा
न होती तुम तो मैं था रोता
हर शब्द दुआ है तुम्हारी
हर स्पर्श दवा है तुम्हारी
गिर कर हमेशा मैं न संभलता
न होती तुम तो मैं न होता
हर साँसे मेरी तुम से ही चलती
हर बातें मेरी तुम पर ही रूकती
हर बातें मेरी कौन था सुनता
न होती तुम तो मैं न होता
चली गयी तुम, न रोक पाया तुम्हे
खो गयी तुम, न खोज पाया तुम्हे
खुदा भी रोया, न रोक पाया खुद को
जो होती तुम तो वो न रोता
न जागती तुम तो मैं न सोता
सुकून था तेरे आँचल में हमेशा
न होती तुम तो मैं था रोता
हर शब्द दुआ है तुम्हारी
हर स्पर्श दवा है तुम्हारी
गिर कर हमेशा मैं न संभलता
न होती तुम तो मैं न होता
हर साँसे मेरी तुम से ही चलती
हर बातें मेरी तुम पर ही रूकती
हर बातें मेरी कौन था सुनता
न होती तुम तो मैं न होता
चली गयी तुम, न रोक पाया तुम्हे
खो गयी तुम, न खोज पाया तुम्हे
खुदा भी रोया, न रोक पाया खुद को
जो होती तुम तो वो न रोता
- साहिल