साहिल के साहिल!
Tuesday, January 4, 2011
२०११: एक नयी उम्मीद!
पौ फटा और नयी सुबह ने आग़ाज़ किया,
उंदी-मुंदी पलकों ने हल्का सा ये एहसास किया
नयी रौशनी नयी आशाएं भर कर आई है
हमने इस वर्ष को नयी उम्मीदों के नाम किया !
- साहिल
Thursday, December 30, 2010
यकीं नहीं होता!
लौट आये उन राहों से, यकीं नहीं होता,
यादें ऐसी है, सिलसिला ख़त्म नहीं होता
पलट कर देखा, बीते लम्हों के पन्नो पर
जितनी देर भी रहा, लम्हा ख़त्म नहीं होता
जीता हूँ उन लम्हों को बार बार
कैद हूँ मैं अब उन राहों में,
भटक जायेगा साहिल, ये यकीं नहीं होता
- साहिल
Friday, December 3, 2010
मृग तृष्णा की मुझे तलाश है!
दूर हो कर भी करीब हो मेरे,
कैसा ये एहसास है.
बारिश में भी प्यासा हूँ
कैसी मेरी प्यास है!
तुम खुशबू बन उड़ जाओगी
मैं कुछ भी न कर पाउँगा
हाथ फैला कर छु लू तुम्हे
अब बस इतनी सी आस है
हूँ हकीकत से रु-ब-रु मैं
अब बस वोह लम्हे मेरे पास है
जाने किस सोच मे डूबा हूँ मैं
मृग तृष्णा की शायद मुझे तलाश है!
- साहिल
Monday, November 1, 2010
कोई आँसू...
हसती आँखें तो बस नज़रों का एक धोखा है,
झांक कर देखो, कोई आँसू कही इनमें छुपा है!!
न परेशान करो, रहने दो उसे कही कोने में
बह गया तो फिर रोकने से भी वो न रुका है!!
- साहिल
Monday, October 25, 2010
एक तजुर्बा ऐसा भी!
हुई सुबह और जहन में एक ख़्याल आया,
हुई आखें नम और दिल में एक सैलाब आया!
डूब गया साहिल न मिल पाया किनारा उसे
हसती आखों ने आज रोने का भी तजुर्बा पाया!
- साहिल
Thursday, October 14, 2010
अब सत्य कहे न कोए!
राम सुमिरन सब करत
है
पूछे शिल्पकार न
कोए
राज महल म लक्ष्मी बसत
है
गरीब घर कछु न
होए
भये मिथ्या हर कोए, सत्य भये न कोए
जूठी भात प्रभु के, मिले तो अमृत
होए
ताप देख लोह तपत
है
मार पड़े पट होए
मुद्रा बने तो सब चाहत
है
हल बने न पूछे
कोए
समझे मिथ्या हर कोए, सत्य परे होए
टूटी खाट किसान की याद करे न
कोए
करम करे तो फल
मिलत
है
ऐसो कलयुग में
होए
फल की इक्छा न करे
तो
कलयुग में अर्जुन होए
करे मिथ्कर्म हर कोए, सत्कर्म करे न कोए
पिका गंगा नहा
आये पर हंस कहा से होए
पड़े तपिष घटक पर
तो जल भी शीतल
होए
पत्थर भी रतन बनत
है
जो सहे न माटि होए
कहे मिथ्या हर कोए अब सत्य कहे न कोए
सत्य कह भारी पछताए अब कहे मिथ्य हर कोए
-
साहिल
Friday, October 1, 2010
मोहब्बत के कहकशां!
मोहब्बत के कहकशां में भटके हुए,
मंजिलो के दरमियाँ का फासला न पूछ..
साहिल गुज़र चुके है इन रास्तो से,
मुसाफिर तू अब उनका हाल न पूछ...
- साहिल
Newer Posts
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)